भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर अप्रैल 2014 में ड्राइव-इन की सुविधा शुरू हुई थी, लेकिन 6 करोड़ की लागत से शुरू हुई यह सुविधा अब पूरी तरह खत्म हो गई है। क्योंकि नई बिल्डिंग के दोनों और पार्किंग की सुविधा शुरू की गई है। इस मामले में रेल मंडल के अधिकारियों का अजीब तर्क है, उनका दावा है कि नई बिल्डिंग के भीतर से होते हुए प्लेटफॉर्म पर पहुंचकर ट्रेन पकड़ी जा सकती है।
दोनों ओर पार्किंग शुरू की गई...लेकिन नियम विरुद्ध
इस प्लेटफॉर्म पर यह ट्रेनें अभी: राज्यरानी, विंध्याचल, भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस, भोपाल-बीना मेमू, भोपाल-प्रतापगढ़, बिलासपुर एक्सप्रेस।
जालियां लगाकर पार्किंग शुरू: प्लेटफॉर्म के नजदीक जालियां लगाकर नजदीक की जमीन पर नियम विरुद्ध पार्किंग शुरू कर दी गई है।
इस पार्किंग को: बिना किसी टेंडर के केवल कोटेशन पर शुरू कर दिया गया है। कमर्शियल विभाग के अधिकारियों को इस बारे में जानकारी तक नहीं हैं।
प्रवक्ता भोपाल रेल मंडल आईए सिद्दीकी- यात्री गाड़ी से उतरने के बाद नई बिल्डिंग में से होकर ट्रेन तक पहुंच सकते हैं। जहां तक पार्किंग कांट्रेक्ट पर देने का मामला है, यात्रियों की सुविधा के लिए ही दी गई है।